कातिल


हां कातिल हैं वो
कत्ल करना जुनून उनका
बड़े शौक से मारते हैं।।
शहर में बड़ा नाम उनका
चर्चों में अक्सर रहते हैं
सब झुक कर सलाम करते हैं।।
गुस्ताखी मेरी जो
एक दिन अनदेखी कर बैठा उनका
वह दिन है और आज का दिन है।।
रोज उनकी आँखों से
उनकी अदाओं से
सज़ा पता हूं।।
अब तो वक़्त ही मसीहा
खुदा ही रहमतगार
बस बख्स दे मुझे।।
@अजय कुमार सिंह

ajaysingh

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